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🧩 EPISODE 1 – “वापसी” (The Return)

उत्तर भारत के पहाड़ों में बसा एक रहस्यमयी शहर — रुद्रापुर। कोहरे से ढकी सड़कें, पुरानी इमारतें और लोगों की आँखों में छुपा डर। इसी शहर में 10 साल बाद लौटता है आरव मल्होत्रा, एक फ्रीलांस वीडियो जर्नलिस्ट, जो अनसुलझे अपराधों पर डॉक्यूमेंट्री बनाता है।

आरव जैसे ही शहर में कदम रखता है, अतीत की यादें उसे घेर लेती हैं। सपने में वह काव्या को देखता है — उसकी पहली मोहब्बत, जिसकी रहस्यमयी मौत 10 साल पहले इसी शहर में हुई थी। पुलिस ने केस को आत्महत्या बताकर बंद कर दिया था।

इसी एपिसोड में आरव की टक्कर होती है मायरा वर्मा से — एक म्यूजिक टीचर, जो अपनी मुस्कान से पूरे शहर को रोशन करती है। दोनों के बीच हल्की नोकझोंक होती है, लेकिन एक अजीब सी केमिस्ट्री बन जाती है।

Cliffhanger: रात में आरव काव्या की पुरानी केस फाइल खोलता है।


🧩 EPISODE 2 – “कब्र में दबा सच”

आरव जांच शुरू करता है। वह कॉलेज जाता है जहाँ काव्या पढ़ती थी। पुराने दोस्त और प्रोफेसर सवालों से बचते हैं। कोई खुलकर कुछ नहीं बोलता।

एक रात आरव की मुलाकात होती है रघुवीर सिंह से — उस समय के चौकीदार से। वह कांपते हुए कहता है:

“बेटा, इस शहर में कुछ मौतें फाइलों में दबा दी जाती हैं।”

आरव को पता चलता है कि काव्या आख़िरी बार जिस आदमी से मिली थी, उसका नाम था विक्रम शेखावत, शहर का सबसे बड़ा बिजनेसमैन।

इधर मायरा और आरव की दोस्ती गहरी होती जा रही है। मायरा उसे अपने म्यूजिक रूम में बुलाती है, जहाँ वह पहली बार खुलकर हँसता है।

Cliffhanger: विक्रम शेखावत का नाम केस फाइल में उभरता है।


🧩 EPISODE 3 – “नज़दीकियाँ”

मायरा आरव को पहाड़ों में घुमाने ले जाती है। दोनों झील के किनारे बैठकर देर तक बातें करते हैं। मायरा अपने अधूरे सपनों के बारे में बताती है, और आरव अपने टूटे अतीत के बारे में — बिना काव्या का नाम लिए।

इमोशन, म्यूजिक और खामोश निगाहों में दोनों करीब आ जाते हैं।

उधर विक्रम के आदमी आरव की जासूसी शुरू कर देते हैं। उसका कैमरा ट्रैक किया जा रहा होता है।

Cliffhanger: आरव का कैमरा तोड़ दिया जाता है और उसे पहली धमकी मिलती है।


🧩 EPISODE 4 – “धमकी”

आरव को होटल के कमरे में एक डरावना मैसेज मिलता है —
“वापस लौट जाओ, वरना अगली लाश तुम्हारी होगी।”

मायरा को शक होता है कि आरव कुछ छुपा रहा है। वह चुपचाप उसकी रिकॉर्डिंग देख लेती है और पूरी सच्चाई जान जाती है — काव्या, हत्या और विक्रम।

मायरा खुद अकेले विक्रम शेखावत के ऑफिस पहुँच जाती है ताकि सच पता चल सके।

Cliffhanger: मायरा विक्रम के सामने खड़ी होती है।


🧩 EPISODE 5 – “अपहरण”

मायरा विक्रम से सवाल करती है — इसी दौरान उसे जबरन किडनैप कर लिया जाता है। आरव को फोन पर मायरा की चीखें सुनाई देती हैं।

रघुवीर सिंह आखिर सच्चाई बताता है:

काव्या के पास विक्रम के गैरकानूनी कामों के सबूत थे

वह सब उजागर करने वाली थी

इसलिए उसे मार दिया गया

पुलिस और नेताओं ने केस दबा दिया

आरव अब सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक टूट चुका प्रेमी और गुस्से से भरा इंसान बन चुका होता है।

Cliffhanger: आरव बदला लेने की कसम खाता है।


🧩 EPISODE 6 – “सबूत”

आरव सभी डिजिटल सबूत इकट्ठा करता है — ऑडियो रिकॉर्डिंग, फोटो, पुराने ईमेल, CCTV फुटेज।

उसका दोस्त मीडिया में यह डॉक्यूमेंट्री अपलोड करने की तैयारी करता है।

विक्रम को भनक लग जाती है कि आज रात उसकी काली दुनिया उजागर होने वाली है।

Cliffhanger: विक्रम मायरा को मारने का आदेश दे देता है।


🧩 EPISODE 7 – “आखिरी रात” (High Voltage Episode)

बारिश, अंधेरा, पुरानी फैक्ट्री।
मायरा बंधी हुई है।
विक्रम हथियारों के साथ खड़ा है।

आरव अकेले फैक्ट्री में घुसता है। एक-एक करके विक्रम के आदमी गिरते हैं। जबरदस्त फाइट, गोलियाँ, खून और इमोशन।

विक्रम:

“एक और लड़की के लिए जान देगा?”

आरव:

“इस बार इंसाफ के लिए।”

आरव विक्रम को गोली मार देता है लेकिन खुद भी गंभीर रूप से घायल हो जाता है।

Cliffhanger: पुलिस की सायरन की आवाज़।


🧩 EPISODE 8 – “इंसाफ” (Final Episode)

डॉक्यूमेंट्री वायरल हो चुकी होती है। पूरा देश विक्रम शेखावत के अपराध देख चुका होता है। नेता, पुलिस अफसर, सब बेनकाब।

विक्रम गिरफ्तार होता है।
10 साल बाद काव्या को इंसाफ मिलता है।

हॉस्पिटल में मायरा रोती हुई आरव का हाथ पकड़ती है:

“तुम मुझे छोड़कर नहीं जा सकते…”

आरव बच जाता है।

कुछ महीनों बाद, मायरा स्कूल में बच्चों को गाना सिखा रही होती है। बाहर आरव कैमरा लेकर उसकी ओर मुस्कुराता है।

“कुछ इश्क़ खामोश रह जाते हैं… ताकि कुछ इंसाफ बोल सके।”

The End

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